स्कूल और कॉलेज हमें बहुत सारी चीज़ सीखने हैं जैसे फॉर्मुलस डेफिनेशन तारीख छोरी लेकिन एक अजीब बात जो हमें कोई नहीं सिखाता जिसकी मार्केट में बहुत ज्यादा डिमांड है और खासकर यह बहुत अजीब बात है कि जो इसके अभी मार्केट में चाहिए वह हमारे सिलेबस में ही नहीं है अभी मार्केट में चाहिए हम कॉन्फिडेंस कैसे हो अपनी बात को किस तरीके से सही रखें हाई प्रेशर में कैसे खुद मेंटेन रखें सही डिसीजन कैसे लें कम्युनिकेशन कैसे करें लेकिन इन सब की वैल्यू स्टूडेंट बहुत देर बाद समझते हैं
खासकर दोस्तों इसका मेरे को अभी पता चला है लेकिन किसी ने कभी बैठकर ये नहीं बताया कि ये सब सीखा कैसे जाता है। और यही वजह है कि बहुत सारे students पढ़े-लिखे होने के बावजूद confused, underconfident और stuck feel करते हैं। तो आज का यह blog The Skills Students Are Expected to Have but Never Taught यही डिस्कशन के ऊपर रखा गया है जो हम जैसे स्टूडेंट की इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर सके
Table of Contents
Focus करना :–
अगर आपको कोई भी चीज सीखनी है तो आपको उसके अंदर अपना फोकस लगाना होगा लेकिन हम सभी को मालूम है लेकिन मैं प्रॉब्लम नहीं आती की फोकस को भी कैसे करें बस यही कहते हैं ध्यान लगाकर पढ़ो लेकिन ध्यान लगाते कैसे हैं और उसे वापस कैसे लाया जाए यह सारी बातें हमें कोई नहीं बताता जिस कारण से हम खुद को बिजी रखकर भी फोकस नहीं कर पा रहे हैं जो की एक नॉर्मल से बढ़कर बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो चुकी है
आपको बस इसको बिल्ड करने के लिए लगातार प्रेक्टिस करने की जरूरत होगी अगर आप प्रैक्टिस करेंगे तो आप धीरे-धीरे इसके अंदर मास्टर होते जाएंगे क्योंकि आज हम ज्यादातर देखते हैं कि एक नॉर्मल स्टूडेंट चाहे मैं भी क्यों नहीं हो मोबाइल ओपन है क्लास चल रही है सामने और इधर नोटिस पड़े हैं तीनों का कोंबो लेकर चल रहा हूं जिससे मेरा एक जगह फोकस नहीं बन पा रहा है शायद आप भी इस तरीके की कोई बात को फीलिंग कर रहेहोंगे
Time management नहीं, :–
आग स्टूडेंट हम सभी को मालूम है कि हमारी लाइफ में टाइम की कितनी वैल्यू है दोस्तों सच बताओ ना आज मेरे को भी मालूम नहीं चला के मैं ट्वेल्थ कब कंप्लीट किया और कब मेरे 3 साल चले गए हमारी क्लास के टीचर्स हमें यह बताएंगे कि टाइम टेबल कैसे बनाना है लेकिन यह कोई नहीं बताया कि जो हमें टाइम टेबल क्रिएट किया उसको मैनेज कैसे करेंगे
हमारे अंदर हर घंटे की एनर्जी को किस तरीके से मेंटेन करना होगा आपको मालूम नहीं लेकिन मैंने कभी-कभी ऐसा फील किया लेकिन जब रिकॉर्ड करने की बारी है तो ऐसा लग रहा है कि कुछ याद ही नहीं रहा कुछ पढ़ाई नहीं अगर हमें बताएं कि कौन सा टॉपिक कब पढ़ना है अपने एनर्जी को कैसे मेंटेन करना है उसके टॉपिक और मिस डायरेक्शन को कैसे ठीक करना है तो हमको चर्चा कर सकते हैं
हमारे teachers हमें timetable बनाना सिखाते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि हर घंटे की energy एक जैसी नहीं होती। Student सोचता है: “मैं 6 घंटे पढ़ा, फिर भी कुछ याद नहीं रहा।” असल problem time की नहीं, energy की होती है।
- कब दिमाग fresh होता है?
- कब सबसे ज़्यादा distraction आती है?
- कब मुश्किल topics पढ़ने चाहिए?
- यह समझ अगर early stage में आ जाए,
- तो half struggle वहीं खत्म हो सकती है।
- लेकिन यह skill कभी formally सिखाई नहीं जाती।
Clear thinking ;-
किसी ने बहुत ही अच्छा कहा कि अगर आप अच्छी तरीके से सोच सकते हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं बहुत से स्टूडेंट स्मार्ट होते हैं लेकिन डिसीजन समय पर नहीं ले पाते कभी-कभी कोई डिसीजन गलत हो गया तो वह सोचेंगे लोग क्या कहेंगे कभी स्कूल में आंसर याद करना सिखाया था लेकिन यह नहीं सिखाता कि हमें सोचना कैसे उसका उत्तर कैसे देना है क्लियर थिंकिंग का मतलब है इमोशंस को पहचाना प्रेशर में लॉजिक से काम लेना कंपैरिजन से बाहर निकलना यह skill न हो, तो talent भी काम नहीं आता
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Communication :-
कम्युनिकेशन जिसकी आज हर एक फील्ड के अंदर उतनी इंपोर्टेंस है जीतने की हमें रोटी की जरूरत है क्योंकि जब हम अपनी बात को किसी को समझा नहीं सकते और उसकी बात को समझ नहीं सकते तो हम अपने जो काम है उसको परफेक्टली कैसे कर सकते हैं एक अच्छा स्टूडेंट आप जितना अच्छा कम्युनिकेट होगा वह उतना अच्छे ही अपनी बात को रख सकता है
और और उतनी अच्छी अपॉर्चुनिटी को भी ले सकता है कम्युनिकेशन का मतलब यह नहीं कि आप कोई भी लैंग्वेज जैसे की इंग्लिश हिंदी एंड फास्ट बॉल बल्कि यह मतलब है कि आप सामने वाले की बात को समझे उसे सवाल पूछे अपने डाउट को पूछे और अपनी स्किल के अकॉर्डिंग उसको एक एप्रुपरिएट सेटिस्फाई करने वाला आंसर दे ताकि उसको लगे कि उसको कुछ वैल्यू मिले.
Failure को handle करना:-
हमारे स्कूल और कॉलेज कभी हमें यह नहीं सिखाती की फैलियर हो तो उसको मैनेज कैसे करें वह हमें यही सिखाती हैं और डिमोटिवेट करते हैं लेकिन मैंने यह है कि अगर कुछ फैलियर मिले तो उसकी रियल लाइफ में कैसे उसे करें और कैसे उनका मैनेज करते हुए आगे बैठे अगर एक स्टूडेंट खुद पर ब्लेम करता है तो वह पूरी तरीके से गिव अप कर देता है
और अगर यही हम कोई ऐसी कहें कि कोई बात नहीं नेक्स्ट टाइम ट्राई करना तो उसका कॉन्फिडेंस होता है मन है वह अपने कॉन्फिडेंस से वापस वही लर्निंग करें जो उसको एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी बनासके स्टूडेंट को पता चले कि वह next attempt के लिए mindset कैसे reset करें Failure को weakness की तरह treat किया जाता है, जबकि असल में यह learning process का हिस्सा है।
Self-discipline: –
self discipline motivation हमें कुछ अलग करने पर बताती है यानी के में है कि हम सेल्फ डिसिप्लिन कैसे रखें क्योंकि मोटिवेशन रखते हैं तो वह हमें कुछ देर के लिए मोटिवेट करता है एक दिन के लिए दो दिन के लिए एक मंथ के लेकर लेकिन अगर सेल्फ डीपी डिसिप्लिन हो तो जब मन नहीं हो तभी पढ़ना और जब एक्सक्यूज से पहले ही अपने देश रिस्पांसिबिलिटी को समझना
और उसके ऊपर काम करना है यानी के आप शॉर्ट टर्म प्लेजर को छोड़कर लॉन्ग टर्म स्किल पर ज्यादा ध्यान देते हैं जिससे आप उसे फील्ड के अंदर मास्टर बनते हैं यह सब आप डिसिप्लिन के कारण ही कर सकते हैं और दोस्तों रियलिटी में मैं बताऊं तो मेरे को भी अपने अंदर इसी टाइप का डिसिप्लिन डेवलप करना है.
Comparison से बाहर निकलना:-
किसी ने सच कहा है आज सोशल मीडिया सोशल मीडिया नहीं है वह एक कंपैरिजन की दुकान है मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं क्योंकि हर स्टूडेंट सोशल मीडिया पर है और हर सोशल मीडिया इन्फ्लेशन हर अपनी ऑडियंस को इन्फ्लुएंस करने के लिए अलग-अलग तरीके के कंटेंट को अपलोड करता है जिसमें से कुछ स्टूडेंट उसको मानते हैं कि वह भी यह करना चाहते
लेकिन इसने कर लिया मैं नहीं कर पाया जिससे स्टूडेंट लाइफ में कंपैरिजन सबसे साइलेंट प्रेशर होता है जैसे कोई ज्यादा पड़ रहा है कोई ज्यादा सक्सेस कोई सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है लेकिन सच कहा है तो कंपटीशन नहीं कंपैरिजन हमको मारता है और वह हमको कंफ्यूज भी बहुत ज्यादा करता है लेकिन हमें यह नहीं बताया गया कि कंपैरिजन में खुद को मोटिवेट कैसे रखें कंफ्यूज ना होने की स्थिति में क्या करें कंपैरिजन नहीं करने की सलाह हमें कभी किसी नेनहीं दी
Self-awareness: –
मेरे को लगता है आप इसके बारे में क्या सोचते मेरे को कमेंट में जरूर बताइए कि आज के युग में इंसान सबसे ज्यादा जरूरी है अपने आप को जाना यानी कि अगर इंसान ने अपने आप को जानना है पहचान शुरू कर दिया तो वह दुनिया में कुछ भी कर सकता है दोस्तों आपको क्या लगता है क्योंकि अगर हमें सेल्फ अवेयरनेस है तो हम जिंदगी के किस मोड़ पर कैसा रिएक्ट करते हैं
वह भी हमें पता चलेगा और हमें यह पता चलेगा कि कब क्या कैसे और क्या बोलना है कितना बोलना है लेकिन दोस्तों सच बताओ तो अगर एक स्टूडेंट में भी होता तो मैं इसको जरूर डेवलप करने सोचता क्योंकि मेरे को भी इस तरीके की स्किन चाहिए क्योंकि आज यह हर एक स्टूडेंट की नार्मल नीड बन चुका है खुद को समझ पाना सबसे underrated skill।
Self-awareness के बिना:-
- गलत strategies अपनाई जाती हैं
- मेहनत ज़्यादा, result कम होता है
- Why these skills matter more than marks
- Marks आपको next class तक ले जाते हैं।
- लेकिन ये skills आपको life में आगे ले जाती हैं।
- Job, business, relationships, decisions —
- सब कुछ इन्हीं skills पर depend करता है।
- और irony यह है:
Conclusion :-
अपने सितारे जमीन पर मूवी देखी होगी जिसमें बताया है हर स्टूडेंट का अपना-अपना होता है उसी तरीके से होता है हर स्टूडेंट की अलग-अलग एक्सपर्टीज होते हैं हमें यह नहीं बताया गया कि कौन सी स्कूल में ज्यादा जरूरत पड़ेगी स्कूल को हमें ज्यादा सीखना चाहिए लेकिन अच्छी बात यह है कि हम अगर हम ट्राई करें और यहां तक कि अगर मैं भी ट्राई करूं तो सीख सकता हूं और मैं भी चाहता हूं सीखना
The Skills Students Are Expected to Have but Never Taught F&Q
Why are life skills not taught in schools?
अधिकांश स्कूलों का फोकस syllabus completion और exam marks पर होता है। Life skills जैसे communication, decision-making, emotional control और confidence को “soft skills” माना जाता है, इसलिए उन्हें structured तरीके से नहीं सिखाया जाता। लेकिन आज job market में यही skills ज्यादा demand में हैं।
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