जब मैं पहली बार गवर्नमेंट एग्जाम के प्रिपरेशन की शुरुआत की तब मेरे दिमाग में सबसे पहले यही ख्याल आया और मेरे हिसाब से आप सभी के दिमाग में भी यह ख्याल आया होगा कि आखिर पेपर सेट करने वाले क्या सोचते हैं
सिलेबस तो वही रहता है लेकिन सालों का पैटर्न बदलता रहता है अगर आप पिछले 10 साल के प्रश्न पत्रों को ध्यान से देख लेते हैं तो बहुत कुछ साफ ट्रेड आपके सामने आ जाता है और सच बताओ जो स्टूडेंट को समझ जाता है समझ लीजिए उसने अपनी प्रिपरेशन कंप्लीट भी कर ली है तो आज का हमारा यह छोटा सा ब्लॉक पोस्ट किसी अनुमान पर नहीं होकर अलग-अलग सरकारी वैकेंसी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए होगा वह किस तरीके से विभिन्न एग्जाम के प्रश्न पत्रों को विश्लेषण कर सकते हैं उसे हिसाब से
Table of Contents
रटने वाले सवाल कम और कॉन्सेप्ट बेस्ड सवाल ज्यादा:–
आज से 10 साल पहले हमें सीधे प्रश्न पूछे जाते थे कि
महाराणा प्रताप का जन्म कब हुआ
हल्दीघाटी का युद्ध कहां पर हुआ
लेकिन अब पैटर्न बदला चुका है अब पेपर में आपसे सीधे सवाल नहीं पूछ कर कॉन्सेप्ट और घूमर सवाल पूछे जाते हैं उदाहरण के लिए
इतिहास में केवल तारीख नहीं पूछते बल्कि उसके कारण में परिणाम पूछे जाते हैं
गणित में सीधे फार्मूला ने पूछ कर उसकी कॉन्सेप्ट की पकड़ चेक की जातीहैं
विज्ञान में डेफिनेशन नहीं पूछते बल्कि प्रैक्टिकल रियल लाइफ एग्जांपल पूछे जाते हैं
आपको पिछले साल के पेपर देखकर इसके बारे में पता चलता है कि पेपर कैसे बदला किस टाइप की क्वेश्चन ज्यादा पूछे जा रहे हैं अब केवल नोट्स याद करने से नहीं बल्कि आपको टोपी की गहराई जानी बहुत ज्यादा जरूरी होगी
करंट अफेयर्स की भूमिकालगातार:–
जब वापस ले 10 साल के प्रश्न पत्र देखे हैं तो आपको एक चीज नजर आती है कि हर साल करंट अफेयर्स की क्वेश्चन लगातार बढ़ते जाएं और साथ में इनके अंदर इनका वेज और हर क्षेत्र के अंदर इसकी महत्वता और भी बढ़ती जाती हैं
पहले करंट अफेयर्स के अंदर आपसे सीधे क्वेश्चन पूछे जाते थे
कि हाल ही में कौन सा संशोधनहुआ
इकोनॉमी में हाल की कौन सी योजना चल रही है
पर्यावरण की वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार तथ्यात्मकजानकारी
लेकिन अब हमें स्टैटिक और करंट का कंबीनेशन साथ में पूछा जा रहा है और किस तरीके के क्वेश्चन पूछ रहे हैं यह हमें पिछले साल की क्वेश्चन पेपर देखने से बता सकता है
एनालिटिक और तार्किक सोच की डिमांडबाटी:–
पहले डाइट नॉरमल पर्सन पूछे जाते थे लेकिन अब हमें रीजनिंग और मैथमेटिक्स में एनालिटिक और तार की सोच की डिमांड वाले प्रश्न पूछे जाते हैं पहले आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं डेट टाइम ट्रैक्शन का लेवल थोड़ा हाई हुआ है और स्टेटमेंट बेस्ट पर्सन ज्यादा पूछे जाते हैं अब एग्जामिनेशन में हमें यह देखना होता है कि आप कैसे सोचते हैं यह ज्यादा देखने के लिए हमारी एग्जाम लिए जाते हैं
प्रश्न पत्र की लंबाई बड़ी कठिनाईसंतुलित:–
अगर आप पिछले साल के प्रश्न पत्र देखे हैं तो आपको एक चीज पता चलते हैं कि प्रश्न पत्रों की लंबाई कितनी बड़ी है और इसकी कठिनाई का स्तर कितना है किस टॉपिक से कितने प्रश्न पूछे जा रहे हैं अब आपको कैसे मल्टीप्ल स्टेटमेंट के प्रश्न पूछे जाते हैं कोई केस स्टडी के आधार पर आपको कोई प्रश्न पूछ लिए जाते हैं या फिर पैराग्राफ पर आधारित कई प्रश्न पूछ ले जाते हैं इस तरीके के क्वेश्चन ज्यादा पूछे जारहे हैं
नेगेटिव मार्किंग का प्रभाव:–
पिछले वर्षों के अधिकांश परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लघु थी अब एग्जाम में हम हम देखते हैं कि नेगेटिव मार्किंग के दौरान कैसे इफेक्ट पड़ता है और किस तरीके के क्वेश्चन हमें सॉल्व करने से पहले थोड़ा रुकना चाहिए यह सब पिछले साल के प्रश्न पत्र देखने से पता चलता है कट ऑफ थोड़ा स्टेबल रहती हैं टॉपर वही बनते हैं जो स्मार्ट अटेंड करते हैं अंदाजा लगाकर ठीक करने की रणनीति बिल्कुल भी रिस्की लगती है इस तरीके हमें पिछले साल की क्वेश्चन पेपर देखने से पता चलता है
स्टैंडर्ड बुक से डायरेक्ट लाइन इनकम:–
पहले कई बार ऐसा होता था कि कोई फेमस बुक होती उसे सीधी की सीधी लाइन एग्जामिनर कॉपी पेस्ट कर देते और हमें एग्जाम पूछ रहे थे लेकिन अब जिस तरीके से टेक्नोलॉजी बढ़ रही है उसे तरीके से हमें अलग-अलग स्रोतों से अलग-अलग जानकारी के आधार पर प्रश्न पूछ सकते हैं जिस कारण हमें पता चलता है कि किस बुक से किस टाइप का प्रश्न पूछे जाते हैं और साथ में हमें मॉक टेस्ट की इंपोर्टेंस का भी पता चलता है
10 साल के प्रश्न पेपर और रणनीति:–
ऊपर जो हमने पॉइंट बताए हैं वह अभी 10 साल के अंदर जो अपडेट हुए हैं क्वेश्चन पेपर में उसे आधार पर हमने बताइए और इसके अलावा भी ऐसे कई सारे अपडेट है जो हमें पिछले साल के पेपर पर देखने से पता चलता है अगर मैं भी उड़ जाए आप कोई भी क्यों नहीं हो यह यह क्वेश्चन सुधार किसी के दिमाग में आता ही होगा कि एग्जामिनर किस टॉपिक से कौन से प्रश्न ज्यादा पूछते हैं जैसे कि अगर हमें मैथमेटिक्स के एक टॉपिक आठ क्वेश्चन पूछते हैं दूसरे 10 टॉपिक से 2% पहुंचे तो हमें जी एक टॉपिक से 8% पूछते हैं उसे पर ज्यादा फोकस करना चाहिए
ट्रेंड समझो भीड़ से आगे निकालो:–
मैंने अपनी प्रिपरेशन के दौरान एक चीज अच्छी है कि सिलेबस वही रहता है लेकिन हर बार सोच बदल जाती हैं अगर आप बिना ट्रेड समझे केवल पढ़ने जाते हैं तो मैं तो होगी लेकिन रिजल्ट आ नीचे होगा इसलिए आप ने अगर पिछले 10 साल के प्रश्न पत्र का एनालिसिस कर लिया तो हमें पता चलेगा कि की
किस टॉपिक से बार-बार सवाल आते हैं
किस प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं
वर्किंग इस को हमें विशेष रूप से हल्के में नहीं लेना चाहिए
कंक्लुजन:–
आज लगातार कॉम्पिटेटिव एक्जाम में कंपटीशन बढ़ रहा है हर कोई टॉपर अलग-अलग सजेशन दे रहा है लेकिन वह अपने एक सजेशन में यह जरूर बताता है कि हमें प्रीवियस ईयर के क्वेश्चन पेपर देखना चाहिए उनका पढ़ना चाहिए ताकि हमें अपने लेवल का पता चल सके और अभी इन दिनों में भी अपने लेवल के अनुसार पिछले साल के प्रश्न पत्र देख रहा हूं पता चले कि किस तरीके के प्रश्न पूछे जाते हैं एलडीसी पेपर के दौरान
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