जब हम शिक्षा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में दो तस्वीर हमेशा दिखाई देती है एक तस्वीर जहां पर एक गुरु और शिष्य का संबंध जो अपने शिक्षा के दौरान आश्रम मेरे करी शिक्षा लेते और अपनी शिक्षा पूरी करके समाज की सेवा के लिए चले जाते हो दूसरी तरफ वर्तमान शिक्षा जो की डिजिटल बोर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रतियोगी परीक्षाओं की दौड़ की तरफ है Gurukul System vs Modern Education in Hindi
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एक सवाल हम सभी के दिमाग में आया होगा कि कौन शिक्षा प्रणाली सबसे बेस्ट है पुराने जमाने की शिक्षा प्रणाली या वर्तमान शिक्षा प्रणाली आज हम इस ब्लॉक के अंदर दोनों की तुलना नहीं करेंगे बल्कि जानेंगे उसे समय काGurukul System vs Modern Education in Hindi क्या है दोनों के बीच अंतर और क्या है उनकी विशेषताएं तो चलिए स्टार्ट करते हैं
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली:–
जब गुरु को शिक्षा प्रणाल की बात की जाती है तो उसे समय हमारे दिमाग में एक इमेज हमेशा क्रिएट होती है एक गुरु और शिक्षक का वह रिश्ता जो हमेशा जन्म-जन्म तक याद रखा जाता है जबकि गुरु को शिक्षा प्रणाली का तो मैं तो हमारी इंडियन एजुकेशन में बहुत ज्यादा है गुरु के आश्रम में रहकर शिक्षा प्राप्त करना पुस्तक के ज्ञान तक शिक्षा को सीमित नहीं रखता बल्कि वहां पर जीवन के मूल्य अनुशासन आत्मनिर्भरता और आध्यात्मिकता जैसे गुना का विकास करना पाप पर ज्यादा प्रैक्टिकल ज्ञान प्रबल दिया जाता था ताकि जो इंसान अप्लाई करें वह वर्तमान जीवन में अप्लाई करें
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली कीविशेषताएं:+
- गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की विशेषताएँ:
- गुरु-शिष्य परंपरा
- प्राकृतिक वातावरण में अध्ययन
- चरित्र निर्माण पर जोर
- आत्मनिर्भर जीवनशैली
- व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा
आधुनिक शिक्षा प्रणाली:–
वर्तमान शिक्षा प्रणाली गुरु को शिक्षा प्रणाली की पूरी कल अलग है आज टेक्नोलॉजी का समूह है कि उसका हर जगह प्रयोग किया जाता है औद्योगिक विकास और तकनीकी विकास के बाद विकसित हुई है शिक्षा प्रणाली जिसमें पहले से सुरक्षित सिलेबस होता है कक्षा आधारित शिक्षा होती है परीक्षा होती है डिग्री प्रणाली आधारित एक फिक्स पैटर्न के अनुसार होता है सब कुछ
आधुनिक शिक्षा प्रणाली की विशेषताएँ:
- विषय आधारित पाठ्यक्रम
- डिजिटल और तकनीकी संसाधन
- प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा प्रणाली
- करियर केंद्रित शिक्षा
- वैश्विक अवसर
अन्य शब्दों में कहे तो गुरुकुल शिक्षा प्रणाली छात्रों को जीने की कल बताती थी जबकि वर्तमान शिक्षा प्रणाली छात्रों को रोजगार और प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है
| आधार | गुरुकुल शिक्षा प्रणाली | आधुनिक शिक्षा प्रणाली |
| उद्देश्य | चरित्र निर्माण | करियर निर्माण |
| स्थान | आश्रम/प्राकृतिक वातावरण | स्कूल/कॉलेज |
| शिक्षा शैली | व्यक्तिगत मार्गदर्शन | समूह आधारित शिक्षण |
| मूल्यांकन | व्यवहार और जीवन कौशल | परीक्षा और अंक |
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की विशेषता:-
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली में मुख्यतः फोकस किया जाता था जीने की कला पर जिसके कारण व्यक्ति के सर्वगुण विकास पर ज्यादा भर दिया जाता था जिसके अंदर मजबूत नैतिक आधार अनुशासन आत्मनिर्भरता गुरु के साथ गहरा संबंध का मानसिक प्रभाव
इसी के साथ इसकी कुछ कमियां भी थी जिसके अंदर इसके सीमित विषय थे तकनीकी शिक्षा का भाव था और व्यापक का यह विकल्पों का इतनाज्ञान नहीं था
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आधुनिक शिक्षा प्रणाली की विशेषता :-
विधिक विषय और कैरियर के विकल्प बहुत ज्यादा तकनीकी दक्षता वैश्विक अवसर शोध और नवाचार किसी की भी कुछ कमियां है अत्यधिक प्रतियोगिता आशिक दबाव अंक आधारित मूल्यांकन
सामाजिक और भावात्मक प्रभाव :–
गुरुकुल शिक्षा में जीवन जीने प्रबल दिया जाता था वह एक जीवन का हिस्सा थी जबकि आज की शिक्षा अक्सर प्रतियोगिता परीक्षा में दबाव का कारण बनती है आज के साथ अंक को रिजल्ट के दबाव में रहते हैं जबकि गुरु को शिक्षा में विशेष महत्व संतुलित व्यक्तित्व और जीवन पर दिया जाता था यही कारण की गुरुकुल शिक्षा और वर्तमान शिक्षा आज दोनों के बीच हम बातचीत कर रहे हैं
भविष्य की शिक्षा कैसी हो:–
भविष्य में आदर्श शिक्षा प्रणाली प्रबल दिया जाना चाहिए यानी की शिक्षा प्रणाली ऐसी हो जिसमें हम गुरुकुल शिक्षा के विशेषताओं को शामिल करें और आधुनिक शिक्षा के विशेष तत्व ऑन को भी शामिल करें यानी कि दोनों के बीच संतुलन होना चाहिए जैसे कि आधुनिक तकनीकी नैतिक शिक्षा जीवन कौशल और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए अगर हम गुरुकुल शिक्षा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली दोनों को कंबाइंड करें तो एक संतुलित शिक्षा मॉडल विकसित किया जा सकता है जो की भविष्य में छात्रों की नहीं रहा बनेगा
अंग्रेजी शिक्षा मॉडल:–
1835 में ब्रिटिश शासन के दौरान शिक्षा नीति में परिवर्तन किया गया, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों के लिए शिक्षित वर्ग तैयार करना था। है तब उसने हमें एक नौकरशाही प्रबंध में बांधने के लिए नहीं सीख सकता लागू की जिसके अंदर उसने सभी कामों को एक निश्चित टाइम में फिक्स करने की कोशिश की और वही शिक्षा प्रणाली आज से और आज से आगे भी चल रही है अब जरूरत है हमें उसके अंदर अपडेट करके अपने प्राचीन तत्वों और अपनी प्राचीन शिक्षा को अपने वर्तमान जीवन में लाने का जिससे हम कुछ नया और संतुलित विकसित कर सके
इसी कारण आज हमारी सरकार है अलग-अलग कैंपेन योजना और अभियानों के माध्यम से हमें अपने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली पुरानी संस्कृत भाषा प्रकृति भाषाओं का ज्ञान करवा रही है ताकि हम अपनी संस्कृति से जुड़े और उसे ज्ञान को प्राप्त करें जिस जिस ज्ञान को प्राप्त करके विभिन्न महापुरुषों ने हमारी इस पवित्र धरती पर जन्म लिया वैसे आपका इसके अंदर क्या ख्याल है हमें जरूर कमेंट बॉक्स में बताएं
आधुनिक शिक्षा मॉडल 2020 शिक्षाप्रणाली:–
और कहीं ना कहीं हमारी इसी शिक्षा प्रणाली में अपडेट करने के लिए नई शिक्षा प्रणाली 2020 में ही लागू कर दी गई जिसके कई सारे परिणाम हमें देखने को मिले अब धीरे-धीरे यह 2030 तक संपूर्ण भारत में लागू करने की बात चल रही है जिसके अंदर शिक्षा में काफी ज्यादा बदलाव होंगे बच्चे अपनी इच्छा के अनुसार सब्जेक्ट पढ़ेंगे अपनी भाषा का चुनाव अपनी इच्छा के अनुसार करेंगे
और वह यहां पर सिर्फ रखने पर बाल नहीं देखकर सीखने पर और उनके कौशल को सुधारने पर बोल दिया जाएगा इस कारण से अभी तो हमारी नई शिक्षा प्रणाली अच्छी मानी जा रही है इसके संपूर्ण प्रभाव इसके पूर्ण रूप से लागू होने के बाद हमें पता चलेंगे वैसे व्हाट यू थिंक तब तक हमारी दृष्टि हम और आप पर
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