“School में Average Students ज़्यादा Successful क्यों बनते हैं?”
“School में Average Students ज़्यादा Successful क्यों बनते हैं?”

“School में Average Students ज़्यादा Successful क्यों बनते हैं?”


हर साल लाखों करोड़ों स्टूडेंट्स अपने स्कूल से निकलते हैं कॉलेज से निकलते हैं जिनमें से कुछ टॉपर होते कुछ स्टूडेंट एवरेज होते हैं कुछ हमेशा अपने आप को कमजोरी समझते हैं लेकिन मैं हमेशा एक चीज मानता हूं कि कोई भी स्टूडेंट कमजोर नहीं होता सब समान होता है लेकिन आज जब हम लाइफ में देखते हैं तो एक चीज आपने नोटिस किया होगा या नहीं लेकिन आप देखते होंगे कि जो एवरेज छात्र होते हैं वह आगे चलकर ज्यादा सफल होते हैं सवाल यह है —
ऐसा क्यों होता है?
क्या marks सच में success तय करते हैं?
या success के rules स्कूल से अलग होते हैं?
तो आज के इस छोटे से ब्लॉक के अंदर हम किसी चीज को डिकोड करने वाले हैं क्या है और इसको आज आसान भाषा में समझते हैं स्कूल हमें क्या सिखाता है, और ज़िंदगी क्या मांगती है?


स्कूल में success का मतलब होता है:


ज़्यादा marks
सही answers
syllabus पूरा करना
दूसरों से बेहतर score करना


लेकिन real life में success का मतलब होता है:


problems को solve करना
failure के बाद खड़े होना
लोगों से बात करना
खुद को बदलते समय के अनुसार ढालना
यहीं से topper और average student के रास्ते अलग होने लगते हैं।

Average students के पास क्या अलग होता है?:


एवरेज स्टूडेंट्स को बचपन से ही एक बात समझ में आ जाते हैं कि मेरे को कुछ ज्यादा एफर्ट्स लगते होंगे पूरी यही सोच उनको सभी से अलग और उनकी एक ताकत बन जाती है

Struggle की आदत:–


Average students को: हर चीज़ आसानी से नहीं मिलती इस कारण उसकी बार-बार कोशिश करनी पड़ती है गलतियां ज्यादा होती है लेकिन यही आगे चलकर उनको पेशेंस की इंपॉर्टेंट सीखना है मेहनत की वैल्यू सीखना है और मनाना नहीं सिखाता और real life में struggle से बचने वाला नहीं, struggle झेलने वाला ही आगे बढ़ता है

Ego कम होता है, सीखने की भूख ज़्यादा:–


ईगो के मामले में हमेशा कुछ सही भी होता है और कई मामले में कुछ गलत भी होता है लेकिन इंपॉर्टेंट यह होता है कि हम इसको किस तरीके से ट्वीट करते हैं अगर हम एगो को सही मानते हैं तो यह सही है अगर ईगो को गलत मानते हैं तो यह हमारे लिए नेगेटिव भी जा सकता है मैंने हम इसको किस तरीके से अपनी लाइफ में एग्जीक्यूट करतेहैं

Topper mindset अक्सर ऐसा होता है:-

“मैं सब जानता हूँ”
जबकि average student सोचता है:
“मुझे सीखना पड़ेगा”
यही फर्क career में बहुत बड़ा बन जाता है।

Average students:-

सवाल पूछने से नहीं डरते
seniors से सीखते हैं
feedback को seriously लेते हैं
और यही habits उन्हें job-ready बनाती हैं।

Adaptability (खुद को बदलने की क्षमता)

स्कूल में:


School लाइफ दोनों अलग है स्कूल के अंदर हर एक स्ट्रक्चर पहले से प्लेन होता है जैसे कि अगर स्कूल का सिलेबस ऑफिस से स्कूल का टाइम है वह फिक्स है ट्यूशन हमेशा हम सोच के अंदर लगा सकते हैं लेकिन

लेकिन life में:


तू हमेशा बदलते रहते हैं प्रॉब्लम क्लियर नहीं होती है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी लगातार बदल नहीं है जिससे हर चीज बदल रही है

Average students बचपन से adjust करना सीख जाते हैं, इसलिए:-

वे नई skills जल्दी सीखते हैं
नए माहौल में fit हो जाते हैं
बदलाव से डरते नहीं यही adaptability long-term success की सबसे बड़ी वजह है।

Marks और Success का सच कड़वी सच्चाई यह है कि:


marks आपकी intelligence नहीं मापते
marks आपकी leadership नहीं दिखाते
marks आपकी communication skills नहीं बताते
Marks सिर्फ यह बताते हैं आपने exam के लिए कितना अच्छा prepare किया।

लेकिन success यह देखती है कि आप pressure में कैसे react करते हैंआप failure के बाद क्या करते हैंआप लोगों के साथ कैसे काम करते हैं और इन चीज़ों में average students अक्सर आगे होते हैं।

Real Life Examples (जो सबने देखे हैं:–

आपने अपने आसपास देखा होगा:
स्कूल के toppers job में struggle कर रहे हैं average students धीरे-धीरे grow कर रहे हैं कुछ average छात्र आज leaders बन चुके हैं

क्यों? क्योंकि उन्होंने:

skills सीखी
ego छोड़ा
learning कभी बंद नहीं की

Average Student होना कमजोरी नहीं है:–

अगर आप स्कूल या कॉलेज में average रहे हैं, तो यह मत सोचिए कि: “मेरे साथ कुछ गलत है” असल में: लेकिन इस तरीके से आप ज्यादा ग्राउंडेड होते हैं यानी के आप जमीन से ज्यादा जुड़े हुए होते हैं एगो की बहुत कमी होती है आप मेहनत से नहीं डरते हैं यह क्वालिटी आपको फ्यूचर में कई ज्यादा स्ट्रांग बना देती है

Skills पर focus करें:–


communication
adaptability
problem solving

Learning कभी बंद न करें:–

Google से सीखें
seniors से सवाल पूछें
feedback को अपनाए

कंक्लुजन:–


खुद की तुलना toppers से नहीं, अपने कल से करें
Final Truth (जो स्कूल नहीं बताएगा) School marks आपके past को दिखाते हैं लेकिन skills आपका future बनाती हैं। Average students अक्सर late bloomers होते हैंलेकिन जब bloom करते हैं, तो बहुत दूर तक जाते हैं। अगर आप average हैं, तो घबराइए नहीं।

JOIN USCLICK HERE
READ THIS ALSOCLICK HERE

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *